IRCTC Update : आज के डिजिटल युग में रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठाए हैं। पहले जहां टिकट कटिंग या आरक्षण में कई बार गड़बड़ी, मानवीय भूल या भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती थीं, वहीं अब भारतीय रेलवे ने इन समस्याओं को रोकने के लिए नई प्रणाली लागू की है। इस नई व्यवस्था के तहत अब टिकट बुकिंग और रद्दीकरण के समय QR कोड आधारित भुगतान प्रणाली लागू की जाएगी।
IRCTC New Rule
IRCTC New Rule : रेलवे विभाग के अनुसार , टिकट काउंटर अब तक टिकट कटिंग यानी टिकट रद्द करने या संशोधन के दौरान कई बार यात्रियों को राशि की वापसी में देरी होती थी। कुछ मामलों में गलत नंबर डालने या डेटा में गड़बड़ी की वजह से भुगतान गलत खाते में भी चला जाता था। ऐसी समस्याओं से बचने के लिए अब प्रत्येक लेनदेन को एक विशेष ट्रांजेक्शन कोड (Transaction Code) से जोड़ा गया है। इस कोड के ज़रिए यात्री अपने भुगतान की स्थिति को ट्रैक कर सकेंगे और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर सीधे शिकायत दर्ज करा सकेंगे। टिकट काउंटर
टिकट काउंटर नई व्यवस्था से यात्रियों को राहत
IRCTC New Rule : यह व्यवस्था सबसे पहले उत्तर रेलवे के कुछ प्रमुख स्टेशनों पर शुरू की गई है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक चरण में यह सिस्टम सफल रहा है। यात्रियों ने बताया कि अब उन्हें टिकट रद्द कराने के बाद भुगतान की स्थिति जानने में आसानी हो रही है। पहले जहां रिफंड आने में कई दिन लग जाते थे, वहीं अब यह प्रक्रिया काफी तेज़ और पारदर्शी हो गई है। टिकट काउंटर
IRCTC New Rule : साल 2021 से रेलवे ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। पहले ऑनलाइन टिकटिंग में IRCTC प्लेटफॉर्म के ज़रिए भुगतान होता था, लेकिन स्टेशन काउंटर से टिकट लेने वालों को अक्सर नकद भुगतान करना पड़ता था। अब QR कोड और यूनिक ट्रांजेक्शन कोड प्रणाली के आने से हर भुगतान का रिकॉर्ड अपने आप डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा।
अधिकारियों की निगरानी और डेटा विश्लेषण
IRCTC New Rule : रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस नई प्रणाली के तहत हर स्टेशन पर टिकट काउंटर कर्मचारियों की गतिविधियों पर डिजिटल निगरानी रखी जाएगी। पहले जहां मैनुअल एंट्री की वजह से नंबरों में गड़बड़ी होती थी, वहीं अब सभी एंट्री कंप्यूटर आधारित होंगी। साथ ही, कोड के माध्यम से यह भी देखा जा सकेगा कि कौन-सा टिकट कब बुक हुआ और किस नंबर पर भुगतान किया गया।
IRCTC New Rule : रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि 2022 से 2024 के बीच लाखों टिकटों की बुकिंग और रद्दीकरण के डेटा का विश्लेषण किया गया। पाया गया कि करीब 10 प्रतिशत मामलों में भुगतान या रिफंड में त्रुटियां थीं। इसी समस्या के समाधान के लिए यह नई प्रणाली तैयार की गई। अब हर यात्री को भुगतान के बाद एक यूनिक कोड दिया जाएगा, जिसे वह IRCTC या स्टेशन हेल्पलाइन पर डालकर अपने लेनदेन की स्थिति देख सकेगा।
यात्रियों में जागरूकता भी ज़रूरी
IRCTC New Rule : रेलवे ने टिकट काउंटर यात्रियों से यह भी अपील की है कि वे टिकट लेते या रद्द करते समय हमेशा अपनी रसीद और कोड नंबर संभालकर रखें। इससे किसी भी विवाद या त्रुटि की स्थिति में जांच आसान होगी। साथ ही, रेलवे यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि ग्रामीण और छोटे शहरों के यात्रियों को इस नई प्रणाली की जानकारी मिले, ताकि वे भी डिजिटल भुगतान की सुविधा का लाभ उठा सकें।
निष्कर्ष
रेलवे टिकट काउंटर का यह कदम पारदर्शिता और तकनीकी उन्नति की दिशा में एक बड़ा सुधार है। इससे न केवल यात्रियों को समय पर भुगतान मिलेगा, बल्कि कर्मचारियों की जवाबदेही भी बढ़ेगी। डिजिटल युग में ऐसी व्यवस्थाएं जनता का भरोसा बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं। आने वाले समय में रेलवे इस प्रणाली को देश के सभी जोनों में लागू करने की योजना बना रहा है, ताकि हर यात्री को सुरक्षित, तेज़ और भरोसेमंद सेवा मिल सके।
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